जानकारी के अनुसार कोतवाली पुलिस ने बताया कि 21 मार्च 2025 को पटवारी हल्का झींगूरा, शिवपुरी के पटवारी आनंद यादव ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि सीताराम गौड़, विजय गौड़, कन्हैया गौड़, रवि गौड़, आनंदी गौड़, श्रीमती धन्नो गौड़, श्रीमती महादेवी गौड़, राजेश कुशवाहा और रामनिवास रावत ने आपस में सांठगांठ कर फर्जी एनजीओ सर्टिफिकेट तैयार किए। इसके बाद भू-माफियाओं ने शासकीय भूमि को एनजीओ के नाम पर धोखाधड़ी से रजिस्ट्री करा लिया और उसे आगे बेचकर मोटी रकम डकार ली।
पटवारी की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 336(3), 340, 338(2) BNS के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस इस बहुचर्चित भूमि घोटाले में शामिल 8 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी थी। हालांकि, मुख्य षड्यंत्रकारियों में शामिल आरोपी सीताराम गौड़ (52 वर्ष) निवासी बृजधाम कॉलोनी ठकुरपुरा, घटना के दिन से ही लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
लगातार फरारी काट रहे आरोपी सीताराम गौड़ की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने 3 हजार के इनाम की आधिकारिक घोषणा की थी। कोतवाली टीआई रोहित दुबे ने आरोपी को दबोचने के लिए विशेष टीम गठित की थी। मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 26 नंबर कोठी के पास घेराबंदी कर इनामी आरोपी सीताराम गौड़ को गिरफ्तार कर लिया। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे, उप निरीक्षक विवेक भट्ट, आरक्षक कुलदीप चतुर्वेदी, बृजेंद्र रावत और मुकेश वर्मा की सराहनीय भूमिका रही।

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