शिवपुरी। शहर में पिछले तीन दिनों से चरमराई सफाई व्यवस्था आखिरकार पटरी पर लौट आई है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार शाम सीएमओ द्वारा मांगों के समाधान का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद समाप्त हो गई। समझौते के तुरंत बाद सफाई कर्मचारी संगठन ने आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया और कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में काम पर लौट गए।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार से शुरू होकर गुरुवार तक चली, जिससे पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी। इस दौरान गणेश प्रतिमा विसर्जन के चलते शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और जल स्रोतों के आसपास भारी मात्रा में कचरा जमा हो गया था। सफाई न होने से उठती दुर्गंध और गंदगी के कारण शहरवासियों और श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
2023 से लंबित थीं मांगें, इस बार लिखित पर ही माने कर्मचारी
सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कोड़े ने बताया कि नगर पालिका प्रशासन साल 2023 से लगातार सिर्फ समझौता पत्र और मौखिक आश्वासन देकर कर्मचारियों को टालता आ रहा था। इससे पहले कर्मचारी अधिकारियों की बातों में आकर काम पर लौट आते थे, लेकिन इस बार संगठन ने आर-पार के मूड में निर्णय लिया था कि जब तक मांगों का लिखित और ठोस निराकरण पत्र नहीं मिलेगा, हड़ताल वापस नहीं होगी।
सीएमओ के साथ हुई बैठक के बाद निकला समाधान
गुरुवार को नगर पालिका सीएमओ और सफाई कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कर्मचारियों की एक-एक मांग पर विस्तार से चर्चा हुई। नपा सीएमओ ने कर्मचारियों की जायज मांगों के समयबद्ध निराकरण का आधिकारिक लिखित पत्र सौंपा, जिसके बाद हड़ताल समाप्ति की घोषणा की गई। काम पर लौटते ही टीमों ने शहर में फैले कचरे के ढेर को हटाना शुरू कर दिया है।

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