गरीबों का 300 क्विंटल चावल बेचने की तैयारी में था रियांशी ट्रेडिंग कंपनी का मालिक: गोदाम और आटा मिल सील, व्यापारी पर FIR, दो ड्राइवर जेल

शिवपुरी। जिले में गरीबों के हक का सरकारी खाद्यान्न हड़पने और उसकी कालाबाजारी करने वाले राशन माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर बदरवास में संयुक्त प्रशासनिक टीम ने औचक छापेमारी कर एक निजी गोदाम से 300 क्विंटल से अधिक सरकारी चावल जब्त किया है। मौके से अवैध परिवहन में लगा ट्रक जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया है। मामले में रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के संचालक पर एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि मौके पर उपद्रव व शांति भंग करने वाले दो ट्रक चालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार बदरवास क्षेत्र में रियांशी ट्रेडिंग कंपनी के गोदाम पर सरकारी चावल का अवैध भंडारण और कालाबाजारी के लिए परिवहन किए जाने की सटीक सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा  ने तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। निर्देश मिलते ही बदरवास तहसीलदार सचिन भार्गव, जिला आपूर्ति अधिकारी तुलेश्वर कुर्रे, सहायक आपूर्ति अधिकारी जसराम जाटव व जयदीप सिंह लोधी तथा कृषि उपज मंडी सचिव नरेंद्र जाटव की संयुक्त टीम ने ग्राम बदरवास स्थित गोदाम पर अचानक रेड मार दी।

​टीम जब रियांशी ट्रेडिंग कंपनी संचालक सचिन मंगल पिता ब्रजेश मंगल के गोदाम पर पहुंची, तो वहां लगभग 300 क्विंटल सरकारी राशन का चावल एक ट्रक में लोड किया जा रहा था। प्रशासनिक टीम ने तुरंत ट्रक को अपने कब्जे में लेकर बदरवास थाने की अभिरक्षा में खड़ा करवाया और गोदाम को सील कर दिया। व्यापारी सचिन मंगल के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं कार्रवाई के दौरान लोक शांति भंग करने और सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश करने वाले ट्रक चालक हेमराज गुर्जर और मुकेश गुर्जर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया है।

​संयुक्त टीम ने बदरवास स्टेशन रोड स्थित जय गुरुदेव आटा मिल (संचालक पंकज गर्ग) पर भी समानांतर छापेमारी की। जांच के दौरान आटा मिल परिसर से लगभग 8 क्विंटल अवैध शासकीय चावल बरामद हुआ। प्रशासनिक टीम ने खाद्यान्न को जब्त कर उसके वैधानिक सैंपल लिए हैं और संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

​कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने इस कार्रवाई के बाद जिले भर के खाद्यान्न माफियाओं और परिवहनकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासकीय उचित मूल्य का खाद्यान्न केवल निर्धन एवं पात्र परिवारों के लिए है। इसमें किसी भी तरह की हेराफेरी, अवैध भंडारण या परिवहन अक्षम्य अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी वाहन मालिक या ठेकेदार राशन की कालाबाजारी में लिप्त पाया जाएगा, उसके वाहन को सीधे राजसात किया जाएगा और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

Post a Comment

0 Comments