SHIVPURI में किसानों के 2.80 लाख डकारकर फर्जी साइन से किसान को बनाया कर्जदार: प्रबंधक मुकेश रावत पर FIR दर्ज

शिवपुरी। जिले में किसानों के हक का पैसा डकारने और सहकारी समितियों में फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों पर जिला प्रशासन का चाबुक चलना शुरू हो गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित विलोकलां के निलंबित सहायक समिति प्रबंधक मुकेश रावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी प्रबंधक ने किसानों से वसूली गई राशि बैंक में जमा न कर खुद डकार ली और उनके फर्जी दस्तखत कर खाद व कर्ज का झूठा बकाया दर्ज कर दिया।

​सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा की गई जांच में निलंबित सहायक समिति प्रबंधक मुकेश रावत की बड़ी धोखाधड़ी सामने आई। जांच में पाया गया कि मुकेश रावत ने कृषक सदस्यों से बकाया राशि तो वसूल ली, लेकिन उसे बैंक खाते में जमा करने के बजाय अपने निजी इस्तेमाल में खर्च कर लिया। इतना ही नहीं, अपनी गबन की करतूत को छिपाने के लिए उसने किसानों के जाली दस्तखत तैयार किए और उनके खातों में खाद व ऋण का झूठा बकाया दर्ज कर दिया। जांच रिपोर्ट में कुल 2,80,150 (दो लाख अस्सी हजार एक सौ पचास रुपये) का शासकीय गबन और धोखाधड़ी सिद्ध हुई है।

​वित्तीय अनियमितताएं सामने आने पर आरोपी मुकेश रावत को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। सहकारिता विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट सामने आते ही कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और आरोपी के खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी मुकेश रावत के खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

​मामले में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए जिले के सभी विभागीय अधिकारियों और समिति प्रबंधकों को कड़ी चेतावनी दी है। कलेक्टर ने कहा कि शासकीय योजनाओं और सहकारी संस्थाओं में किसानों के हक के पैसे की हेराफेरी या वित्तीय गड़बड़ी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों और आम जनता से जुड़ी शिकायतों पर सीधी जांच कर दोषियों को सीधे जेल भेजा जाएगा।

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