जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक शिवपुरी की 107वीं एजीएम के दौरान छर्च सहकारी समिति में हुई वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के हेरफेर की शिकायत कलेक्टर व बैंक प्रशासक अर्पित वर्मा के समक्ष आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल का गठन किया और पूरे रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश पर जांच दल ने जब समिति व बैंक शाखा के खातों के रिकॉर्ड और बैंक स्टेटमेंट का गहराई से ऑडिट किया, तो अधिकारियों की मिलीभगत की पोल खुल गई। जांच दल ने परीक्षण के बाद पाया कि कुल 16,78,828 रुपये का गबन किया गया है। इस पूरे घोटाले में पूर्व प्रभारी समिति प्रबंधक/सहायक प्रबंधक सत्यवीर यादव तथा पोहरी बैंक शाखा के प्रभारी शाखा प्रबंधक नत्थीलाल शर्मा की सीधी संलिप्तता पाई गई।
जांच दल द्वारा गबन की पुष्टि किए जाने के बाद प्रशासन ने बिना किसी देरी के त्वरित एक्शन लिया। दोनों आरोपी अधिकारियों सत्यवीर यादव एवं नत्थीलाल शर्मा के खिलाफ संबंधित थाने में आपराधिक मामला पंजीबद्ध करा दिया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी और वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गबन और लापरवाही पर DM का सख्त रुख: बख्शे नहीं जाएंगे दोषी, शाखा प्रबंधकों की बैठक भी ली
कार्रवाई के बाद कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक अर्पित वर्मा ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि वित्तीय लेन-देन और बैंक के कामकाज में किसी भी प्रकार की अनियमितता, गबन या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों व जनता के पैसों में गड़बड़ी या भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
16.78 लाख रुपये के गबन मामले में एफआईआर दर्ज कराने के तुरंत बाद कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आज सहकारी बैंक के सभी शाखा प्रबंधकों की अहम बैठक बुलाई। बैठक में सहकारिता विभाग और बैंक के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी शाखा प्रबंधकों को पारदर्शी तरीके से बैंक संचालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाई जाने पर संबंधित शाखा प्रबंधकों की संलिप्तता मानते हुए उनके विरुद्ध भी सीधी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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