शिवपुरी। जिले के कोलारस जनपद अंतर्गत सेजवारा गांव के पास शनिवार रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। आदिवासी बस्ती की ओर जाने वाले रास्ते पर बनी पुलिया अचानक धंस गई, जिससे वहां से गुजर रहा एक ट्रैक्टर उसमें समाते-समाते बचा। ट्रैक्टर का अगला पहिया धंसे हुए हिस्से में फंस गया। गनीमत रही कि चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन इस घटना ने 3-4 साल पहले बनी पुलिया के घटिया निर्माण की पोल खोलकर रख दी है।
जानकारी के अनुसार, हरिपुर गांव निवासी शिशुपाल धाकड़ अपने खेत से मक्का का काम खत्म कर ट्रैक्टर से वापस लौट रहे थे। जैसे ही वह सेजवारा गांव के पास पहुंचे, आदिवासी बस्ती मार्ग पर बनी पुलिया का एक हिस्सा अचानक भरभरा कर धंस गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से ट्रैक्टर का अगला पहिया गड्ढे में समा गया और ट्रैक्टर मौके पर ही अटक गया। चालक शिशुपाल धाकड़ ने जैसे-तैसे अपनी जान बचाई और घबराकर तुरंत आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी।
हादसे की खबर मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर को धंसी हुई पुलिया से सुरक्षित बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए बताया कि यह पुलिया महज 3-4 साल पहले ही बनाई गई थी। एक सामान्य ट्रैक्टर का वजन भी यह पुलिया सहन नहीं कर सकी, जिससे साफ जाहिर होता है कि इसके निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार और गुणवत्ता से खिलवाड़ किया गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण एजेंसी के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए और पुलिया की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

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