पोहरी। दसलक्षण महापर्व के समापन अवसर पर शनिवार को पोहरी नगर में भगवान जिनेंद्र देव की भव्य शोभायात्रा बड़े ही श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। जैन समाज के योगेंद्र जैन पत्रकार ने बताया कि शोभायात्रा श्री 1008 आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (किले के अंदर) से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों मुख्य बाजार, कृष्णगंज होते हुए जय स्तंभ चौराहा पहुंची और यहां से वापस मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।

शोभायात्रा के दौरान नगर का वातावरण पूरी तरह धर्ममय नजर आया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान जिनेंद्र देव की आरती उतारकर पूजा-अर्चना की और उनका आशीर्वाद लिया। पोहरी जैन युवा संघ के जैन दिव्य घोष से पूरा नगर गूंज उठा। शोभायात्रा में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। शोभायात्रा में भक्ति संगीत ने श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह भर दिया। अरुण जैन के भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। महिला श्रद्धालुओं ने डांडिया के साथ भजनों पर नृत्य करते हुए अपनी भक्ति और उत्साह का प्रदर्शन किया। भक्ति गीतों और धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

दसलक्षण महापर्व के समापन पर निकली यह शोभायात्रा भक्ति, तप, त्याग और अनुशासन का अनुपम संगम नजर आई। गली-गली से गुजरती शोभायात्रा में श्रद्धालु भगवान जिनेंद्र देव की आराधना में लीन दिखाई दिए। जगह-जगह लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया और भगवान की आरती कर धर्मलाभ लिया। इस दौरान नगर में चारों ओर श्रद्धा और आस्था का वातावरण बना रहा। शोभायात्रा ने न केवल धार्मिक उत्सव का स्वरूप प्रस्तुत किया, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सामूहिक भक्ति की सुंदर मिसाल भी पेश की।

नगर में धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले श्री 1008 आदिनाथ युवा वर्ग के सदस्यों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर जैन समाज के युवाओं द्वारा धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। वहीं जैन युवा दिव्य घोष के सदस्यों का भी विशेष सम्मान किया गया। दिव्य घोष के सदस्यों ने दशलक्षण महापर्व के दौरान आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों एवं भगवान जिनेंद्र देव की शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।