शिवपुरी। शहर के सबसे प्राइम लोकेशन झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन को लेकर संग्राम छिड़ गया है। हाई कोर्ट से केस जीतने और बेदखली का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद भी जब नगर पालिका का बुलडोजर मौके पर नहीं पहुंचा, तो खुद नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने मीडिया के सामने आकर अपनी ही नपा के सीएमओ पर बड़ा हमला बोल दिया। अध्यक्ष ने सीएमओ पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कब्जाधारी को सुप्रीम कोर्ट से स्टे लाने का लीगल टाइम देने के लिए जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
कौड़ियों के भाव लीज पर दी थी करोड़ों की संपत्ति
मामला वर्ष 1960 का है, जब नगर पालिका ने झांसी तिराहे के पास स्थित इस बेशकीमती जमीन को मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को 25 साल की लीज पर दिया था। उस वक्त महज 4 हजार 472 रूपये प्रीमियम और 279.50 रूपय सालाना किराया तय हुआ था। लीज की अवधि दशकों पहले खत्म हो चुकी है और इसे दोबारा रिन्यू भी नहीं कराया गया, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर कब्जा जमाए रखा गया। वर्तमान में इस जमीन पर समीर गांधी द्वारा पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा है।
हाई कोर्ट से मिली जीत, 2 अक्टूबर का अल्टीमेटम भी हुआ हवा-हवाई
दशकों पुरानी इस कानूनी लड़ाई में पिछले महीने हाई कोर्ट ने नगर पालिका के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद नगर पालिका प्रशासन ने 22 सितंबर को अंतिम नोटिस जारी कर 10 दिन का समय दिया था। नोटिस के मुताबिक 2 अक्टूबर तक जमीन खाली कर नगर पालिका को सुपुर्द करनी थी, ऐसा न करने पर जबरन बेदखली और हर्जाना वसूलने की चेतावनी दी गई थी। लेकिन 2 अक्टूबर की डेडलाइन बीत जाने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
नपा अध्यक्ष का सीधा हमला: CMO की साठगांठ, 2 करोड़ के राजस्व का नुकसान
कब्जा न हटने से नाराज नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने प्रेसवार्ता बुलाकर नपा सीएमओ यशवंत राठौड़ की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कौड़ियों के भाव दी गई जमीन की कीमत आज करोड़ों में है, जिसका पुराना किराया और हर्जाना मिलाकर करीब 2 करोड़ रुपए नगर पालिका के खाते में आने चाहिए थे। अध्यक्ष का कहना है कि वे इस मुद्दे पर लगातार पत्राचार कर रही हैं, लेकिन सीएमओ फोन तक रिसीव नहीं करते। उन्होंने साफ कहा कि सीएमओ जानबूझकर कार्रवाई में देरी कर रहे हैं ताकि समीर गांधी को सुप्रीम कोर्ट जाकर स्टे लाने का पर्याप्त समय मिल जाए और मामला फिर सालों के लिए ठंडे बस्ते में चला जाए।
पेट्रोल पंप संचालक का दावा- मामला सुप्रीम कोर्ट में, 6 को सुनवाई
पूरे विवाद और गंभीर आरोपों पर जब सीएमओ यशवंत राठौड़ से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क साधा गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। दूसरी ओर, पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी ने नगर पालिका अध्यक्ष के दावों को नकारते हुए कहा कि मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। नगर पालिका ने भी वहां केविएट दाखिल कर दी है और 6 अक्टूबर को इस मामले में अगली सुनवाई तय है। जब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में विचाराधीन है, तो सभी को कानून की मर्यादा का पालन करना चाहिए।

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