शिवपुरी। जिले के रन्नौद नगर परिषद क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक लापरवाही के चलते एक जिंदा व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया। इस गलती के कारण पीड़ित को राशन सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया और उसे पिछले एक साल से रिकॉर्ड सुधार के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वार्ड क्रमांक-14 निवासी गिलटा आदिवासी ने बताया कि उनके पिता जिगना आदिवासी का 24 अक्टूबर 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद वर्ष 2023 में नगर परिषद से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया। लेकिन अशिक्षित होने के कारण वह प्रमाण पत्र में दर्ज जानकारी की जांच नहीं कर सके।
कुछ समय बाद उन्हें राशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया। बाद में जानकारी मिली कि आधार रिकॉर्ड में भी उन्हें मृत दर्शाया गया है। इससे उन्हें कई प्रकार की प्रशासनिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गिलटा आदिवासी ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले जब वह अपने पिता की जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया के लिए पटवारी के पास पहुंचे, तब इस बड़ी गलती का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि नगर परिषद ने उनके पिता के बजाय उनका ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया था।
पीड़ित का आरोप है कि वह पिछले एक साल से रिकॉर्ड में सुधार कराने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। मंगलवार को उसने कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर रिकॉर्ड में सुधार कराने और बंद हुई सरकारी सुविधाओं को दोबारा शुरू कराने की मांग की है।
अब पीड़ित को उम्मीद है कि प्रशासन मामले में त्वरित कार्रवाई कर उसे सरकारी रिकॉर्ड में फिर से जीवित दर्ज कराएगा और उसकी सभी सुविधाएं बहाल की जाएंगी।
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