शिवपुरी। जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में गौवंश तस्करी का मामला सामने आया है। सिंघन गांव के पास गौसेवकों ने एक ट्रक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, जिसमें गौवंश भरे हुए थे। हालांकि ट्रक के साथ मौजूद तस्कर और स्टाफ अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गए। सूचना मिलने पर बदरवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब 2 बजे गौसेवकों और राजेश जी महाराज को गौवंश से भरे एक ट्रक के क्षेत्र से गुजरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही लुकवासा और बदरवास क्षेत्र के गौसेवक सिंघन गांव के पास पहुंच गए। गौसेवकों को देखकर ट्रक के साथ मौजूद लोग मौके से भाग निकले। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और ट्रक को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पकड़े गए ट्रक (आरजे 26 जीए 9080) का नाम पहले भी गौवंश तस्करी के मामले में सामने आ चुका है। 11 जून की रात पोहरी थाना पुलिस ने इसी ट्रक को गौवंश से भरा हुआ पकड़ा था। उस समय भी गौवंश को कथित रूप से क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में न्यायालय के आदेश पर वाहन छोड़ दिया गया था। अब करीब दो महीने के भीतर यही ट्रक दूसरी बार गौवंश परिवहन करते हुए पकड़ा गया है।
घटना के बाद राजेश जी महाराज ने गौवंश तस्करी में पकड़े जाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई और राजसात की प्रक्रिया लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण वही वाहन बार-बार अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रक को विशेष रूप से गौवंश परिवहन के लिए मॉडिफाई किया गया है, जिसकी जांच परिवहन विभाग को करनी चाहिए।
पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि 11 जून को इसी ट्रक को गौवंश के साथ पकड़ा गया था और उस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के कारण वाहन को छोड़ना पड़ा था।
वहीं बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि जब्त ट्रक से 4 से 5 गौवंश बरामद किए गए हैं। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
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